रेटा (दातारामगढ़), पवन पुजारी।
राजस्थान में जिला परिषद एवं पंचायत समिति चुनावों को लेकर ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। इसी बीच सीकर जिले की पंचायत समिति दातारामगढ़ की ग्राम पंचायत रेटा में भी चुनावी माहौल देखने को मिल रहा है। यहां जिला परिषद के वार्ड संख्या 18 से इंद्रा चौधरी चुनाव मैदान में हैं। शुरुआती चुनावी माहौल और स्थानीय चर्चाओं के बीच उनका मुकाबला काफी कड़ा नजर आ रहा है। हालांकि, चुनाव का वास्तविक परिणाम मतगणना के बाद ही सामने आएगा।
रेटा में पांच तारीख को ग्रामीण अपने गांव का सरपंच भी चुनेंगे। ऐसे में गांव की राजनीति के साथ-साथ विकास के मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में हैं।
पुराने कुएं और बावड़ियां पूछ रहे हैं विकास का हिसाब
रेटा गांव में भ्रमण के दौरान एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई। गांव के बीचोंबीच आज भी सैकड़ों वर्ष पुराने कुओं और बावड़ियों के अवशेष दिखाई देते हैं। ये अवशेष उस दौर की निर्माण क्षमता, दूरदर्शिता और सार्वजनिक उपयोग की व्यवस्थाओं की गवाही दे रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आज से सौ-दो सौ साल पहले के निर्माण आज भी अपनी मौजूदगी दर्ज करवा रहे हैं, तो आज के जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदारों द्वारा करवाए गए विकास कार्य कितने वर्षों तक अपनी पहचान बनाए रखेंगे?
आज के सरपंचों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को इन पुराने निर्माणों से सीख लेने की जरूरत है। विकास केवल उद्घाटन पट्टिका लगाने या कुछ समय तक दिखाई देने वाले निर्माण करवाने का नाम नहीं है। असली विकास वह है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपयोगी और यादगार बना रहे।
चुनाव में केवल चेहरे नहीं, काम का भी होना चाहिए मूल्यांकन
ग्राम पंचायत रेटा में सरपंच चुनाव से पहले ग्रामीणों के सामने एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्हें उम्मीदवारों के वादों के साथ उनके काम करने की क्षमता, गांव के प्रति सोच और विकास की प्राथमिकताओं का भी मूल्यांकन करना चाहिए।
क्योंकि राजनीति में चेहरे बदलते रहते हैं, चुनावी वादे भी बदल जाते हैं, लेकिन गांव की पहचान उसके स्थायी विकास कार्यों से बनती है।
रेटा के पुराने कुएं और बावड़ियां आज भी इतिहास की तरह खड़े हैं। अब सवाल यह है कि क्या आज के जनप्रतिनिधि भी गांव के लिए ऐसा कोई काम छोड़ पाएंगे, जिसे आने वाली पीढ़ियां याद रखें?
रेटा की चुनावी हलचल के बीच यह सवाल केवल एक ग्राम पंचायत का नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की पूरी व्यवस्था का है।
