अलवर(Pawan pujari) में बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे राजस्थान रोडवेज की बसों की चेकिंग को लेकर सवाल खड़े हो गए। मौके पर कई रोडवेज बसों की जांच के लिए लाइन लगी दिखाई दी। यात्रियों और बस चालकों के बीच चर्चा का विषय यह रहा कि चेकिंग करने वाले कर्मचारियों की पहचान और उनके अधिकृत होने की स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की जा रही है।
मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि चेकिंग करने वाले व्यक्तियों के पास स्पष्ट नेम प्लेट/पहचान प्रदर्शित नहीं थी और कोई सरकारी वाहन भी नजर नहीं आया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यात्रियों और रोडवेज कर्मचारियों को यह कैसे पता चले कि सामने मौजूद व्यक्ति अधिकृत चेकिंग स्टाफ है?
RSRTC की आधिकारिक वेबसाइट पर स्पष्ट है कि On-duty Conductor/Checking Staff अथवा RSRTC द्वारा अधिकृत व्यक्ति यात्री के टिकट और पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच कर सकता है।
ऐसे में अलवर की इस घटना में यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि मौके पर चेकिंग कर रहे व्यक्तियों को किस अधिकारी ने अधिकृत किया था, उनका पद क्या है और उनकी पहचान सार्वजनिक रूप से क्यों स्पष्ट नहीं थी।
यात्रियों की परेशानी भी सवालों के घेरे में
एक तरफ रोडवेज बसों में सुबह के समय यात्रियों की भीड़ रहती है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र की कई सड़कें खराब होने की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। ऐसे में यात्रियों का सवाल है कि चेकिंग व्यवस्था के साथ-साथ यात्री सुविधाओं और सड़क व्यवस्था पर भी उतना ही ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा?
यात्रियों का कहना है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी नियमों के तहत कार्रवाई कर रहा है तो उसे अपनी पहचान और अधिकार स्पष्ट रूप से बताने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
रोडवेज प्रशासन से उठे ये सवाल
सुबह 6:30 बजे की चेकिंग किस आदेश के तहत की जा रही थी?
मौके पर मौजूद कर्मचारियों की पहचान और पद क्या था?
क्या वे RSRTC के अधिकृत Checking Staff थे?
क्या उनके पास पहचान-पत्र/अधिकृत प्रमाण था?
यदि चेकिंग अधिकृत थी तो यात्रियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई?
क्या चेकिंग की कोई निर्धारित प्रक्रिया और रिकॉर्ड है?
RSRTC की आधिकारिक वेबसाइट पर यात्रियों की बस संबंधी समस्याओं के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-2000-103 तथा अन्य संपर्क नंबर भी दिए गए हैं।
अब सवाल यह है कि अलवर में सुबह-सुबह हुई इस चेकिंग के पीछे कौन अधिकारी था और क्या मौके पर मौजूद पूरी टीम RSRTC द्वारा अधिकृत थी? रोडवेज प्रशासन को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
अलवर में सुबह-सुबह रोडवेज बसों की चेकिंग, जांच टीम की पहचान पर उठे सवाल
