हिंडौन विधायक अनिता जाटव की सतलोक यात्रा पर सवाल, समस्याओं का समाधान कहां से होगा?
(पवन पुजारी)
नई दिल्ली (पवन पुजारी)राजस्थान के हिंडौन शहर से विधायक अनिता जाटव द्वारा हरियाणा के धनाना स्थित सतलोक आश्रम में संत रामपाल से मुलाकात की खबर सामने आई है। आश्रम और उससे जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, इस बैठक में विधायक ने अपने क्षेत्र की समस्याओं का भी उल्लेख किया।
इस मुलाकात के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि एक आम विधायक से यह स्पष्ट होता है कि वह अपने क्षेत्र के पहलुओं- जैसे कि नालों, सड़क, जनसंपर्क और अन्य उद्देश्यों के लिए- अपने समाधान के लिए विधानसभा, संबंधित सरकारी और संवैधानिक पदों के माध्यम से कार्य करें।
कुछ लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि ऐसे धार्मिक आश्रमों में क्षेत्रीय समर्थकों की चर्चा करने से जनता के बीच क्या संदेश जाता है। उनका मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी और संवैधानिक संस्थानों के माध्यम से समाधान सुनिश्चित करना है।
दूसरी ओर, नेता या उनके समर्थक यह तर्क दे रहे है कि कोई भी धार्मिक या सामाजिक व्यक्ति से विज्ञापन करने या आशीर्वाद लेने पर व्यक्तिगत निर्णय हो सकता है और इससे उनका संवैधानिक दायित्व स्वतः प्रभावित नहीं होता है। यदि इस विषय पर कोई साइंटिस्ट हैं, तो उन्हें भी सामने आना चाहिए।
अब देखने वाली बात यह है कि विधायक अनिता जाटव से इस मुलाकात और उनसे जुड़े उठ रहे सुझावों पर क्या प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है, और अपने विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए आगे क्या कदम उठाए गए हैं। संत रामपाल उनके भाइयों एवं उनके समर्थकों पर गंभीर मुकदमे लंबित है और वह खुद पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट से जमानत पर बाहर है ऐसे में एक जनता की चुने प्रतिनिधि को अपने अपराधिक पृष्ठ वाले व्यक्ति या बाबा के पास जाना चाहिए क्योंकि हमारे देश में अभी तक बहुत सारे बाबा एवं संत ऐसे हो चुके हैं जो जेल में बंद है एक तरफ विधायिका राहुल गांधी के पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े हुए मामले में धरने में गई और एक तरफ ऐसे बाबा से मुलाकात करके जनता में क्या इमेज बनाना चाहते हैं यह तो आने वाला समय बताएगा l
