नई दिल्ली (पवन पुजारी)
आज जैसे ही समाचार प्रसारित हुआ सोशल मीडिया एवं न्यूज़ चैनलों पर की धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया एक तरफ जंतर मंतर पर और देश के अलग-अलग राज्यों में जहां पर युवाओं में खुशी की लहर दौड़ गई कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता और जुड़े हुए युवा जश्न मानने लगे वही भारत के क्षेत्रीय राजनीतिक दल हो या राष्ट्रीय राजनीतिक दल हो उनके लिए एक गंभीर सोचने का विषय हो गया है की सोशल मीडिया से खड़ा हुआ एक आंदोलन वह काम कर सकता है कि भाजपा की मजबूत सरकार और मजबूत प्रधानमंत्री बता रहे थे उन्हें भी झुकना पड़ा जो की 12 साल से कभी विपक्ष की बात को कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टी भी उन्हें बैक पुट पर नहीं कर पाई वही सोशल मीडिया पर एक युवा अभिजीत दीपके आंदोलन शुरू किया और पूरे देश को उसमें जोड़ दिया 36 दिन तक केंद्र सरकार ने एवं जहां-जहां राज्यों में भाजपा की सरकार है या सहयोगी दलों के साथ सरकार है वहां पर आंदोलन को दबाने के लिए एवं बड़े नेताओं को नहीं पहुंचने देने के लिए पुलिस का पहरा उनके घरों पर बिठा दिया लेकिन 36 दिन में केंद्र सरकार ने जितना आंदोलन को दबाने की कोशिश की 20 तारीख को युवाओं पर लाठी चार्ज और आसु गैस के गोले बरसाने की बाद आंदोलन और तेजी से आगे बढ़ा और प्रधानमंत्री को खुद को सोशल मीडिया पर आकर के वीडियो बनाकर के कहना पड़ा फिर भी युवा नहीं माने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से नीचे की कोई बात करने के लिए तैयार नहीं हुए 21 तारीख को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भी युवाओं के समर्थन में सड़क पर बैठना पड़ा आने वाले समय में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश उत्तराखंड पंजाब हिमाचल राज्य के चुनाव में क्या असर रहता है यह भी देखने की बात होगी और साथ ही 2029 केंद्र के चुनाव में और उससे पहले भाजपा कांग्रेस एवं अन्य दल अपनी रणनीति में बड़े बदलाव करने पड़ेंगे क्योंकि रामलीला मैदान और जंतर मंतर के आंदोलन से आम आदमी पार्टी का जन्म दो बार दिल्ली में पंजाब में सरकार बनाई इसलिए कोई नया दल या देश की राजनीति जानकारों को समझना पड़ेगा की आने वाले समय में सोशल मीडिया मैनेजमेंट और युवाओं को किस तरह से अपनी पार्टियों में स्थान देना और पुराने राजनेताओं को भी अनुभवी एवं जमीन पर जुड़े हुए नेताओं के साथ सामंजस बिठाना एक बहुत बड़ा चुनौती भरा कार्य सभी पार्टियों के लिए रहेगा भविष्य के तरफ में है कि आने वाले समय में होगा क्या परंतु और राजनीतिक सर्वेक्षण करने वाली हमारी टीम जल्द ही जनता की राय जानेगी l
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं में खुशी की लहर परंतु राजनीतिक दलों के लिए एक गंभीर विषय
