नाथद्वारा/राजसमंद।(Pawan pujari) नाथद्वारा नगर पालिका चुनाव में नामांकन वापसी के अंतिम दिन गुरुवार को वार्ड नंबर 23 में ऐसा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जिसने पूरे चुनावी माहौल को गरमा दिया।
वार्ड 23 से भाजपा प्रत्याशी दिनेश प्रजापत नामांकन वापस लेने के लिए उपखंड कार्यालय पहुंचे। जैसे ही भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को इसकी जानकारी मिली, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और नामांकन वापस लेने का विरोध शुरू कर दिया। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक प्रत्याशी को घेरकर रोकने की कोशिश की गई और इसी दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया।
भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने
मामला उस समय और गरमा गया जब मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ता भी पहुंच गए। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की की स्थिति बनने की खबर है। स्थिति बिगड़ती देखकर पुलिस ने हस्तक्षेप किया और भाजपा प्रत्याशी दिनेश प्रजापत को सुरक्षा घेरे में लेकर वहां से बाहर निकाला।
एक स्थानीय रिपोर्ट में बताया गया है कि पुलिस जाप्ते ने भीड़ के बीच घेरा बनाकर प्रत्याशी को पुलिस वाहन से रवाना किया, जिसके बाद मौके पर स्थिति कुछ शांत हुई।
मामला सिर्फ नामांकन वापसी का नहीं, सियासी प्रतिष्ठा का भी
वार्ड 23 में कांग्रेस नेता एवं पीसीसी सदस्य देवकीनंदन गुर्जर के पुत्र अजय गुर्जर के सामने भाजपा ने दिनेश प्रजापत को प्रत्याशी बनाया था। इसलिए दिनेश प्रजापत के नामांकन वापस लेने की कवायद ने स्थानीय राजनीति में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया।
कांग्रेस की ओर से आरोप लगाए गए कि भाजपा प्रत्याशी पर नामांकन वापस लेने को लेकर दबाव था। दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने घटनाक्रम को अलग तरीके से पेश करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर विवाद और मारपीट की स्थिति पैदा करने के आरोप लगाए। भाजपा जिला अध्यक्ष जगदीश पालीवाल ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि पुलिस ने स्थिति बिगड़ने पर प्रत्याशी को सुरक्षा दी।
देवकीनंदन गुर्जर का भी बड़ा आरोप
इस पूरे घटनाक्रम के बीच देवकीनंदन गुर्जर की ओर से भी गंभीर आरोप सामने आए। एक रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने आरोप लगाया कि प्रत्याशी अपनी इच्छा से नामांकन वापस लेना चाहता था, लेकिन उसे रोका गया। उन्होंने प्रशासन पर भी दबाव में काम करने का आरोप लगाया। ये आरोप हैं और इन पर संबंधित प्रशासन अथवा भाजपा की आधिकारिक स्थिति को अलग से देखना जरूरी है।
पुलिस के घेरे में प्रत्याशी, बढ़ा सियासी तापमान
नामांकन वापसी की समय-सीमा के आखिरी दिन सामने आए इस घटनाक्रम ने नाथद्वारा नगर पालिका चुनाव को अचानक सुर्खियों में ला दिया। एक तरफ प्रत्याशी के नामांकन वापस लेने की कोशिश, दूसरी तरफ उसे रोकने के लिए पहुंचे पार्टी कार्यकर्ता और फिर कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तनाव—इन सबके बीच पुलिस को मोर्चा संभालना
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि दिनेश प्रजापत के नामांकन को लेकर आखिर अंदरखाने क्या राजनीतिक गणित चल रहा था? क्या यह सिर्फ प्रत्याशी की व्यक्तिगत इच्छा थी या इसके पीछे कोई बड़ा स्थानीय राजनीतिक समीकरण था?
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि नाथद्वारा के वार्ड 23 ने नामांकन वापसी के अंतिम दिन पूरे राजस्थान के निकाय चुनाव में अपनी अलग राजनीतिक कहानी लिख दी है।
**लोक उजाला के लिए—नाथद्वारा से खास रिपोर्ट।**
