राजसमंद
राजस्थान में ग्राम सरपंचों एवं प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया है उनकी जगह पर प्रशासक नियुक्त कर दिए गए हैं पूर्व सरपंची अभी प्रशंसक है और प्रधान की जगह पर चार्ज सरकार के अधिकारियों के हाथ में जा चुका है वही वहां पर प्रशासक है राजसमंद जिले से जो हमने कल शुरू की थी यात्रा उसी में आज पहुंचे हम जिले की देलवाड़ा पंचायत समिति के ग्राम पंचायत सालौर में यहां पर व्यवस्थाओं के नाम पर सिर्फ अवस्थाएं थी गांव में बने हुए सुलभ शौचालय पर ताले लगे हुए और गांव की ग्राम पंचायत भवन में कचरे के देर और वहीं पर हमें एक अजीब वहां खड़ा दिखाई दिया जिसे स्वच्छता रचना नाम दिया गया था जो की मोटरसाइकिल को कट करके उसे पर पीछे कचरा परिवहन के लिए तब्दील किया गया जिसका ना कोई आरटीओ द्वारा रजिस्ट्रेशन न इंश्योरेंस नही उसका कोई फिटनेस प्रमाण पत्र और ग्राम पंचायत में इसके टेंडर करके कचरा परिवहन के लिए नियुक्त किया आखिर वजह क्या ऐसे वाहनों को गांव की सड़कों पर चलने के लिए किसने अधिकृत किया और आखिर क्यों क्योंकि बाहर गांव में बच्चे बुजुर्ग सभी सड़कों पर बैठते हैं खेलते हैं और आखिर क्या मजबूरी थी कि ऐसे वाहनों को ग्राम पंचायत में काम दिया कहीं ना कहीं इसमें भ्रष्टाचार की दुर्गंध जरूर आ रही है ग्राम पंचायत का भवन ही स्वच्छ नहीं और गांव की सरपंच ने आई लव सालों का बोर्ड नीचे अपना नाम बड़ा लिखवा रखा है नाम से नहीं काम से जाने जाते हैं लोग सरपंच महोदय का शायद यह भूल गई है और राजस्थान में सरकार बदले हुए 2 साल हो गए लेकिन पूर्व विधायक का बोर्ड सरपंच महोदय ने अपने बोर्ड के साथ ही नीचे लगा रखा है विशेष क्या है पूर्व विधायक का बोर्ड लगा होना और वर्तमान विधायक से दूरियां राजनीतिक रूप से गांव के विकास में कहीं ना कहीं बाधक जरूर बन रही होगी ऐसे ही सरपंच से लेकर संसद तक की जिम्मेदारी तय करने हमारी जिम्मेदारी है जय भारत
राजसमंद जिले की ऐसी ग्राम पंचायत जहां पर अवैध वाहन से कचरा परिवहन आखिर क्यों
