जयपुर (पवन पुजारी)। राजस्थान में पंचायती राज चुनाव 2026 को लेकर अब ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी माहौल पूरी तरह गरमाने लगा है। पंचायत समिति प्रधान, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य पदों के आरक्षण के बाद आज ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच पदों की आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही गांवों में चुनावी समीकरण तेजी से बदलने लगे हैं।
लॉटरी से तय हुई सीटों की तस्वीर
आरक्षण लॉटरी में यह तय हुआ कि किस ग्राम पंचायत में सरपंच पद SC, ST, OBC, महिला या सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा। इसी के साथ ग्राम पंचायतों के वार्ड पंच पदों की आरक्षण श्रेणी भी निर्धारित की गई।
सरपंच और वार्ड पंच की सीटों का आरक्षण स्पष्ट होते ही लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित दावेदारों की रणनीति भी बदल गई है। जिन पंचायतों में सीट आरक्षित हुई है, वहां नए चेहरों की तलाश शुरू हो गई है, जबकि सामान्य सीटों पर पुराने दावेदार अपनी तैयारियों को आगे बढ़ाने में जुट गए हैं।
गांवों में शुरू होगा बैठकों और संपर्क का दौर
आरक्षण की तस्वीर सामने आने के बाद अब गांवों में चौपाल, बैठक और व्यक्तिगत संपर्क का दौर तेज होने की संभावना है। संभावित प्रत्याशी अपने समर्थकों और स्थानीय प्रभावशाली लोगों से संपर्क साधेंगे। कई जगहों पर परिवार और सामाजिक समूह भी अपने संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन शुरू कर चुके हैं।
पवन पुजारी के अनुसार, पंचायत चुनावों में आरक्षण लॉटरी के बाद सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब दावेदारों को अपनी राजनीतिक तैयारी सीट की नई आरक्षण श्रेणी के हिसाब से करनी होगी।
वार्ड पंचों की लॉटरी भी महत्वपूर्ण
सरपंच के साथ वार्ड पंचों के आरक्षण ने भी गांव की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। प्रत्येक वार्ड की श्रेणी स्पष्ट होने के बाद स्थानीय स्तर पर संभावित प्रत्याशियों की तस्वीर सामने आएगी। इससे पंचायत चुनाव की जमीनी तैयारियों को गति मिलने की उम्मीद है।
अब चुनाव कार्यक्रम का इंतजार
आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब ग्रामीण राजस्थान की नजरें राज्य निर्वाचन आयोग के चुनाव कार्यक्रम पर टिकी हैं। नामांकन, मतदान और मतगणना की तारीखों की घोषणा के साथ ही पंचायत चुनाव का औपचारिक अभियान शुरू हो जाएगा।
सरपंच आरक्षण लॉटरी के बाद राजस्थान में पंचायत चुनाव का बिगुल
