आज दिनांक 1 जनवरी 2026 को लोक उजाला के डिजिटल माध्यम की शुरुआत करने का विचार काफी लंबे समय से लोक उजाला की टीम कर रही थी जिसमें कहां से शुरू किया जाए लाल किले से किया जाए या सर्वोच्च न्यायालय के परिसर से किया जाए या फिर सांसद भवन के सामने किया जाए लेकिन मेरा और हमारे आदरणीय बाबू सिंह जी कच्छावा सर से बात करने के बाद उन्होंने कहा कि कोई ऐसी भूमि से शुरू करो जहां पर सिद्धांतों से समझौता नहीं हुआ हो मैंने तुरंत आदरणीय गुरु जी को कहा कि ऐसी सिर्फ एक ही भूमि है वह हल्दीघाटी और आज हम हल्दीघाटी पर सभी ने कहा चैनल पहले बना लेते हैं फिर वहां जाकर वीडियो डाल देंगे या फेसबुक अकाउंट पहले बना लेंगे मैंने कहा नहीं जैसा भी बनेगा हल्दीघाटी की धारा पर चलकर ही बनाएंगे क्योंकि हमें याद रहेगा कि हमने कहां पर बनाया था जैसे ही वहां हल्दीघाटी पहुंचे वहां की स्थिति देखकर के मन बड़ा व्यथित हो गया हल्दीघाटी में दूर-दूर से बच्चों को इतिहास समझाने के लिए लाया जाता है टूर के माध्यम से आते हैं परिवार अपने बच्चों को नए अनुभव से भारत के इतिहास से और हर भारतवासी का सिर गर्व से ऊपर हो जाता है जैसे ही नाम हल्दीघाटी का आता है राजनीति की रोटी सेकने वाले लोग महाराणा प्रताप का नाम भाषणों में लेते हैं लेकिन हल्दीघाटी में मुख्य युद्ध स्थल पर पीने के लिए पानी नहीं आसपास में टॉयलेट की सुविधा नहीं और यहां तक की चारों तरफ कचरा फैला हुआ यही हालत हमने महाराणा प्रताप के वफादार साथी चेतक की समाधि स्थल पर दिखाई दी और यही हालत हमें दिखाई दी महाराणा प्रताप की गुफा के पास चारों तरफ कचरा फैला हुआ टॉयलेट नहीं टॉयलेट के लिए एक किलोमीटर दूर चाहिए और यहां से विधायक महाराणा प्रताप की ही वंशज विश्व राज सिंह और सांसद भी उन्हीं की धर्मपत्नी महिमा कुमारी है आज भी लोकतंत्र में भी लोगों ने राजा उन्हें ही बना रखा है भारतीय जनता पार्टी की सरकार को 2 साल हो गए हैं और एलईडी वनों के माध्यम से विकास बताया जा रहा है लेकिन इन स्थलों को कौन देखेगा राजसमंद जिले की चारों सिट ही विधानसभा की भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं सांसद हैं परंतु प्रातः स्मरणीय वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की युद्ध स्थल की स्थिति देखकर के मन बड़ा द्रवित हुआ सरपंच से लेकर के सासद तक हकीकत से रूबरू लोक उजाला कार्रवाई करवायेगा हमें यह भी पता है कि सच बोलते ही हमारे विरोधी हो जाएंगे कुछ लोग परंतु लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में हमारा काम ऐसे ही शुरू रहेगा
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की रणभूमि हल्दीघाटी की हालत
