जयपुर (पवन पुजारी)। राजस्थान में पंचायती राज चुनाव की तैयारियों के बीच चुनाव कार्यक्रम में बदलाव से लेकर भाजपा-कांग्रेस के बीच बढ़ती राजनीतिक बयानबाजी और देश की राजधानी में निर्वाचन आयोग को लेकर विपक्ष के प्रदर्शन तक बुधवार का राजनीतिक दिन कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के नाम रहा। राजस्थान में पंचायत चुनाव अब राजनीतिक गतिविधियों के केंद्र में आते जा रहे हैं, वहीं राष्ट्रीय स्तर पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं।
राजस्थान की 7 बड़ी राजनीतिक खबरें
1. पंचायत चुनाव कार्यक्रम में बदलाव, पहले तीन चरण एक दिन पहले
राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने धनतेरस को देखते हुए पंचायती राज चुनाव के पहले तीन चरणों के कार्यक्रम में बदलाव किया है। पहले चरण में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों का मतदान अब 23 अक्टूबर के बजाय 23 अक्टूबर रहेगा, जबकि संशोधित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कुछ चरणों को एक दिन पहले किया गया है। सरपंच एवं पंच चुनाव की तिथियों में भी संबंधित चरणों के अनुसार बदलाव किया गया है।
राज्य में 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों के चुनाव प्रस्तावित हैं। पंचायत चुनाव का राजनीतिक तापमान अब तेजी से बढ़ने के संकेत हैं।
2. कल से पंचायत चुनाव की नामांकन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण
राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 8 अक्टूबर से जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों तथा पहले चरण के पंच-सरपंच चुनाव के लिए लोक सूचना जारी होने की प्रक्रिया शुरू होगी। पहले चरण में पंचायत समिति सदस्यों के नामांकन की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर और जांच 14 अक्टूबर निर्धारित है।
ऐसे में आने वाले दिनों में गांवों की राजनीति में दावेदारों की सक्रियता, टिकट की दौड़ और स्थानीय समीकरणों में तेजी आने की संभावना है।
3. SIR पर राजस्थान भाजपा का कांग्रेस पर हमला
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। राठौड़ ने कांग्रेस के दिल्ली प्रदर्शन और सोनिया गांधी से जुड़े मतदाता संबंधी सवालों को राजनीतिक बहस का मुद्दा बनाया।
भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाकर संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता की मांग कर रही है।
4. राजस्थान कांग्रेस में निकाय चुनाव के बाद मंथन
हाल के नगर निकाय चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन और कथित क्रॉस वोटिंग को लेकर राजस्थान कांग्रेस ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सी.पी. जोशी की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय समिति बनाई है। समिति कांग्रेस पार्षदों के स्तर पर सामने आए आरोपों और शिकायतों की जांच करेगी।
इस घटनाक्रम को पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए संगठनात्मक परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।
5. कांग्रेस के अंदरूनी विवाद भी चर्चा में
दूदू में कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान सचिन पायलट और बाबूलाल नागर समर्थकों के बीच विवाद की खबरों ने पार्टी के भीतर गुटीय राजनीति को फिर चर्चा में ला दिया है। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व की मौजूदगी में हुए घटनाक्रम को आगामी चुनावों के लिहाज से पार्टी के लिए चुनौती माना जा रहा है।
6. भाजपा का ‘सेवा ज्योति एवं संकल्प’ कार्यक्रम
राजस्थान भाजपा की ओर से 7 अक्टूबर को सभी जिला केंद्रों पर ‘सेवा ज्योति एवं संकल्प’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की मौजूदगी में कार्यक्रम प्रस्तावित है। भाजपा ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने से जोड़कर सेवा और संकल्प के संदेश का कार्यक्रम बताया है।
7. राजस्थान क्रिकेट संघ पर भी नजर
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव परिणाम को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद परिणामों पर रोक के बीच राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित याचिकाओं पर सुनवाई का मामला महत्वपूर्ण बना हुआ है। कल की सुनवाई के बाद RCA में आगे की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है।
देश की राजनीति की बड़ी खबरें
1. निर्वाचन आयोग के खिलाफ विपक्ष का बड़ा प्रदर्शन
नई दिल्ली में मंगलवार को INDIA ब्लॉक के नेताओं ने निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च किया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा SIR और मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया; बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस का कहना है कि वह मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता चाहती है, जबकि भाजपा ने विपक्ष के प्रदर्शन को राजनीतिक ड्रामा और संवैधानिक संस्थाओं पर हमला बताया है।
2. राहुल गांधी के प्रदर्शन पर भाजपा का पलटवार
भाजपा ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ विपक्षी प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी हार के बाद लगातार निर्वाचन आयोग और अन्य संस्थाओं को निशाना बना रही है।
सत्ता पक्ष का तर्क है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय विपक्ष को जनता के बीच अपना राजनीतिक आधार मजबूत करना चाहिए।
राजस्थान से दिल्ली तक सियासत में हलचल, पंचायत चुनाव से SIR तक गरमाया राजनीतिक माहौल
